Thursday, May 15, 2014

नेता जी

नेता जी :-

जनता की सेवा में अर्पण नेता जी,
ईश्वर जैसा रखते लक्षण नेता जी,

मधुर रसीले शब्द सजाये अधरों पर,
मक्खन मिश्री का हैं मिश्रण नेता जी,

छीन रहे सुख चैन हमारे जीवन से,
घर घर करते दुख का रोपण नेता जी,

रोजी रोटी की कीमत है रोज नई,
महँगाई का करते वितरण नेता जी,

जोड़ बहुत है पक्का इनका कुर्सी से,
फेविकोल का सुन्दर चित्रण नेता जी,

पलक झपकते रूप नए धर लेते ये,
हैं गिरगिट के मूल संस्करण नेता जी,

झूठ दिखावा छल से दूरी कोसों की,
साफ़ हमेशा जैसे दर्पण नेता जी,

बने चुनावी मौसम में हैं राम मगर,
दिल है काला औ हैं रावण नेता जी...