Saturday, March 31, 2012

न दिल कोई चाहत, न मुझको कुछ पसंद

न दिल कोई चाहत, न मुझको कुछ पसंद,
चल-चल के हौले-हौले धड़कन भी गयी बंद,
उलझी हुई पहेली, मोहोब्बत की तू सहेली,
दोहा सजा
ऊँ तुझपे या उतारूँ तुझपे छंद,
सोंच-२ लिखता हूँ डरता भी हूँ कलम से,
गलती से बन
ना जाए बदनाम पंक्ति चंद,
कश्ती लेजाऊँ  किसी और फिर शहर में,
हवा के तेज झोकें हो जायें थोडा मंद....

मुस्कुराते ही

1. मुस्कुराते ही जखम सारे खिल पड़ते हैं,
तभी होंठ वहीँ पर मेरे सिल पड़ते हैं,
बहुत चाह कि तुझे यादों से मिटा दूँ
मगर,
मेरे लम्हे तेरी यादों से मिल पड़ते हैं,
हाले-दिल अब मुझसे बयां नहीं होता,
कभी कभी गहरे सदमे से हिल पड़ते हैं,
जान जाए या फिर जाऊं कोमा में, 
कोई बताये कि कैसे दौरे दिल पड़ते हैं,






2. रात सारी-सारी दिन भी सारा-सारा,
मैं भटकता रहा यूँ ही मारा-मारा,
सुखा गला सांस जिस्म से अटकी,
इश्क का मिला पानी खारा-खारा,
सुझाये कुछ भी, कोई तो उपाए,
 मैं जीता कर भी हूँ हारा-हारा,

Friday, March 30, 2012

वक़्त कि लहरों पे उम्र बह जानी है

वक़्त कि लहरों पे उम्र बह जानी है,
बात बाकी तो थी अभी कह जानी है,
ठहर एक पल के लिए ना रहे कुछ कल के लिए,
जुदाई कि मंजिल अभी ढह जानी है,
बंधी डोर साँसों से उलझी तेरी हांथो से,
पास मेरी साँसे तेरे रह जानी है,
ख़ुशी हर तोहफा तुझे दे जाऊंगा,
तेरी सारी तकलीफ मुझे सह जानी है,

आँखों को मिली नमी

मेरे आँखों को मिली नमी किसी और की,
बुराई किसी और की कमी किसी और की,
रहने को अब इस जहाँ में ठिकाना नहीं रहा
मेरे दिल की हो गयी जमी किसी और की,
मेरी दुनिया से निकल कर खुशियाँ सारी
जाके दुनिया में फिर थमी किसी और की.

Thursday, March 29, 2012

मैं तेरी मोहोब्बत का गुनाह भर लूँ,

मैं तेरी मोहोब्बत का गुनाह भर लूँ,
दर्द का दिल में आज गवाह भर लूँ,
सेंक ले जिस्म अपना मेरी सांसो से
मैं ज़रा गरम गरम आह भर लूँ,
खोल दे एक पल के दरवाजा प्यार का
मैं उम्र भर के लिए चाह भर लूँ,
पलट कर देख एक बार बस प्यार से
तेरी तस्वीर से अपनी निगाह भर लूँ,

Wednesday, March 28, 2012

प्यार को दर्द का दहेज़ समझो

प्यार को दर्द का दहेज़ समझो.
ख़ुशी से दूरी हंसी से परहेज समझो.
गम की खुशबू मिलेगी फूलों से
नाजुक फूलों को काँटों की सेज समझो.
टुकड़े दिल के कितने होंगे पता नहीं
धार नज़रों की समय से तेज समझो.
निकल तो क्या उभारना भी मुस्किल होगा
प्यार दरिया में देगा भेज समझो.

Monday, March 26, 2012

अधूरी-अधूरी मोहोब्बत

अधूरी-अधूरी दिल में मोहोब्बत रह गई.
रूह में तुझको पाने की सिद्दत रह गई.
ख़ुशी के लम्हे जो तेरे साथ बिताये थे. 
वो दो घडी बनके एक मुद्दत रह गई.
तालीम अच्छी न दी तुमने दिल को.
दिल्लगी से खाक मेरी इज्ज़त रह गई.

Friday, March 23, 2012

मेरी साँसों को ऑन कर दो

छूकर मुझे, मेरी साँसों को ऑन  कर दो.
अपने दिल से मेरे दिल को फ़ोन कर दो.
जहन में मेरे यही एक बात है 
पास  मेरे मोहोब्बत का लोन  कर दो.
या तो पास रह मेरे आखिरी वक़्त तक.
या फिर मुझे छोड़के मुझको एल़ोन  कर दो. 

Sunday, March 18, 2012

दिल को TENANT चाहिए

एक खुबसूरत दिल को TENANT चाहिए,
जल्दी नहीं लेकिन ज़रा URGENT चाहिए
SCHEME भी अच्छी है, OFFER भी FREE है
ADVANCE नहीं कोई  PAYMENT चाहिए
प्यार चाहता हूँ, बस प्यार मांगता हूँ,
MONTHLY नहीं कोई मुझे RENTचाहिए
यही TERMS बस यही CONDITION है
LIFETIME का मुझे AGREEMENT चाहिए
ता उम्र की LEASE भी REGISTER होगी
CUSTOMER इक ऐसा PERMANENT चाहिए....

Saturday, March 17, 2012

धड़कन बिगड़ गयी

दिल को बहलाया तो धड़कन बिगड़ गयी,
मेरी हंसती खेलती दुनिया उजड़ गयी,
गुस्ताख दिल ने एक गुस्ताखी ऐसी की
कि जिंदगी मेरी, मुझसे जगड़ गयी,
पाया नहीं कुछ, खोया जो भी था मेरा
उलझने मुफ्त कि मुझमे रगड़ गयी,
रुके कभी आँशू तो कभी ये छलकें
जख्मों की लड़ियाँ मेरे घर में जड़ गयी,
तू दूर गयी जबसे मेरा दिल तोड़कर
मुस्किल बड़ी सांस मुझे लेने में पड़ गयी.

चाहे जान लेले मेरी

चाहे जान लेले मेरी चाहे जख्म कितना गहरा दे
साथ बीते हुए तेरे प्यार के उस पल मुझे ठहरा दे
जिंदगी करदी तेरे नाम समर्पित मैंने
मेरी हर रूह मेरी हर साँसों पे आके पहरा दे
ढोउंगा उम्र भर तेरी उल्फत का हर सितम 
पहना मुझको जो मोहोब्बत का अपने शेहरा दे
जीने के लिए एक कोई निशानी पास रख जा
यादों का बेशक साया ज़हन पे मेरे लहरा दे

Friday, March 16, 2012

न जीने का जी करे न मरने का जी करे

न जीने का जी करे न मरने का जी करे
अब बात भी किसी से न करने का जी करे
आदत बना ली मैंने जब सहना ही सितम था
जख्मों के दर्द से न डरने का जी करे
अकेला हूँ मैं और अकेला मेरा दिल है
खाली जगह दिल की न भरने का जी करे
कभी काम था मुझे तुझे याद करते रहना
तेरे याद से अब न गुजरने का जी करे
बर्बाद कर दी मेरी दुनिया प्यार ने
चाहके भी अब न सुधरने का जी करे
पागल हो गया इस सदमे से मेरा दिल
इस हाले-दिल से न उभरने का जी करे.

Thursday, March 15, 2012

भीगे-भीगे से अल्फाज़ है

भीगे-भीगे से अल्फाज़ है  तेरे वास्ते,
मेरे दिल में खुले राज़ है  तेरे वास्ते,
सांसे चल रहीं हैं एहसास तेरा पाकर
सुन धडकनों की आवाज है तेरे वास्ते, 
बेकाबू होके ढूंढे तुझको मेरी निगाहें,
बदला-बदला मेरा मिजाज़ है तेरे वास्ते,
इक बात प्यार से बोली कभी थी मुझको,
वही कल भी मेरा आज है तेरे वास्ते,
थोडा बुरा लगा तेरी बात का मगर,
अरुन फिर भी नहीं नाराज़ है तेरे वास्ते...

दवाई नहीं मिली

जो दर्द थोडा कम करे वो दवाई नहीं मिली,
जख्मो से मुझे अबतक रिहाई  नहीं मिली,
ठहरी हैं, जमीं हैं, बेबस मेरी निगाहें,
बरसो से अभी तक वो न दिखाई नहीं मिली,
चुपचाप बैठा है खामोश मेरा दिल,
आवाज धडकनों की भी सुनाई नहीं मिली,
बदनाम कर दिया मुझे तेरे इश्क ने,
मेरे प्यार में तुझे तो बुराई नहीं मिली ..

दिल को शबर मिले

धड़कन को मिले राहत दिल को शबर मिले
ए दोस्त तेरी मुझको जो थोड़ी खबर मिले
घबराया हूँ, सहमा हूँ, थोडा डरा हुआ हूँ
यादें पड़ेंगी महंगी न जुदाई जबर मिले
उदासी है, परेशानी है, बेचैनी भी मुझे है
कुछ सुराग मिले तेरा या कोई मुखबर मिले
बेवफाई अगर करने का तुझको ख्याल आये
मेरी जान तभी जाए दिल को कबर मिले

गम मेरी जिंदगी से मोल-भाव करता है.

बेहद चाहता है मुझको बड़ा चाव करता है.
अब दर्द मेरे दिल का रखरखाव करता है.
खुशियाँ मेरे दर पर दस्तक भी नहीं देती
इस कदर ये जख्म मेरा बचाव करता है
यूँ तो सुकून मिलता नहीं तुझे "अरुन"
उसपर यादों का पल बहुत घाव करता है
कुछ ऐसे पड़ गयी है मुस्किल में जान मेरी
गम मेरी जिंदगी से मोल-भाव करता है. 

Wednesday, March 14, 2012

मिली दर्द की कमाई

मिली दर्द की कमाई, पाया जख्मो का मेहनताना
मैंने गम से है पिरोया,  मेरे घर हर खजाना
खुशियों की बंद करदी खिड़की भी आज मैंने
भरना न पड़े मुझको कही और भी हरजाना
यूँ तो एक पल भी मुझको कही चैन नहीं मिलता
अब अच्छा नहीं लगे तेरी यादों का पास आना
दुखती बहुत थी मुझको ये भी अदा तेरी
यूँ बार बार तेरा हर वादों से मुकरजना
इंसाफ की मिसाल कुछ ऐसी भी है
मेरे ही कल्त पर मुझे लगा है जुरमाना

जख्म से तडपे रोम-२.

जख्म से तडपे रोम-२.
दर्द नस-२ में रच गया.
बनाकर बम गम से मुझको उड़ा दिया
चीथड़े हुए दिल के मै फिर भी बच गया
मुझे छोड़ने की उसकी बस एक यही वजह है
मासूम कोई और फिर से उसको जंच गया
मै खुद मेरे दिल को अब न समझ पाया
उसे भूलने को बोला तो मुझसे बिरच गया
अँधा हो गया था मै प्यार में ऐसे उसके
वो जैसे गयी नचाती मै वैसे नच गया
जो दिल में आया उसके बेबक बोलती थी
आज मैंने भी कुछ कहा तो बवाल मच गया.

प्यार में प्यार नहीं

मोहोब्बत मुझपे कुछ इस कदर मेहरबान हुई,
दिल लुट गया मुस्किल में मेरी जान हुई.
वफ़ा का एहसास मुझे भी हुआ तब ,
जब एक बेवफा से मेरी पहचान हुई. 
 
 
प्यार में प्यार नहीं, गम मिलता है,
खुशियों का मौसम ज़रा कम मिलता है.
नाज़ुक हालत बन जाते है बिन बनाये ,
आँखों में अश्क से बना ओस हरदम मिलता है.
शुरू होता है बेकरारी का सिलसिला,
हर लम्हा गीला-२ तो कभी नम मिलता है.

Monday, March 12, 2012

गुनाह

कुछ गुनाह हुए और, कुछ हुए गुनाहों को छुपाने के लिए.
मुझे  मिलता रहा जख्म सिर्फ तुझको पाने के लिए. 
वो हर वादे को तोड़ कर यूँ ही चल दिए.
मै सहता रहा दर्द इक वादे को निभाने के लिए.

मोम का दिल

मोम से दिल को छू कर पत्थर बना दिया, 
दर्द से मेरा मुकद्दर बना दिया. 
जलाकर मेरे प्यार का आशियाना, 
क्यूँ तुमने मुझ बेघर बना दिया. 
भरे आँखों में इस कदर अंशु, 
की मेरी पलकों को बहता सागर बना दिया.
ऐसी ठोकर लगी इश्क में मुझको, 
एक अजब सा मुझमे डर बना दिया.

इश्क वो बीमारी है

इश्क वो बीमारी है जो सिर्फ गम देगी, 
रुख बदलते ही खुशिया कर ख़तम देगी.
पुराना घाव कभी सूख पायेगा भी नहीं , 
कि फिर से नया एक और जखम देगी.
बचैनी से भर जाएगी जिंदगी अपनी ,  
चैन से जीने बहुत कम देगी.
समझ आएँगी नहीं मुश्किले ये कभी, 
इतने सिद्दत से भरम देगी.
खुश्क अश्कों से पलकें भीगी - भीगी,
जीने ये नहीं इस जनम देगी.

शिकायतें

शिकायतें उसने की मैंने गिला न किया,
दर- दे- दिल का तुझे इतेल्ला न किया, 
छोड़ कर कुछ ऐसे गया वो मुझे,
भूल से भी कभी फिर मिला न किया,
हम तो गम के सफ़र में चलते रहे,
दिल में चाहत का पल खिला न किया,
जख्म होते रहे कुछ नए और भी 
लाख कोशिश से भी सिला न किया.

Sunday, March 11, 2012

दर्द-ओ-गम

दर्द-ओ-गम की बारात लिए बैठा है, प्यार जख्मो की सौगात लिए बैठा है, 
उम्र भर के लिए यादों की तड़प और ठन्डे-ठन्डे से जज़्बात लिए बैठा है, 
भरा तन्हाई से पूरा-पूरा दिन, नींद पर कब्ज़ा करके हर रात लिए बैठा है,
आँखों में बरसात का मौसम , ख्याल से छीन के ख़यालात लिए बैठ है,  
कुछ छोड़ा नहीं पास कहने के लिए, हर लफ्ज़ हर एक बात लिए बैठा है, 
मौका मिलता नहीं एक नज़र दीदार को, कुछ ऐसे मुलकात लिए बैठा है,
जिल्लतें रखीं है संभाल के दामन में ,  बदनामी के हालात  लिए बैठा है,
जवाब मिलता नहीं ढूंढने से भी कभी, ऐसे - ऐसे सवालात लिए बैठा है.

सस्ते रिश्ते हैं

सबसे सस्ते रिश्ते हैं मोहोब्बत के, यूँही बिकते रिश्ते हैं मोहोब्बत के.
दर्द - गम - अश्क - और यादों के जखम, यही किश्ते हैं मोहोब्बत के.
खुदा होती है चाहत की ये मंजिल , मगर बेवफा रस्ते हैं मोहोब्बत के.
फूल खिलते हैं शिकायतों के फिर,  कांटे बिछते रहते है मोहोब्बत के.

तोड़ के रिश्ता

तोड़ के रिश्ता दर्द संग जखम दे गए,
मुझी को चाहा, मुझे ही गम दे गए,
ना ख्वाइश ना मेरी रज़ा पूंछी
दिल को चोट गरमा गरम दे गए,  
शाम को अपना बनाया और सबह को छोड़ दिया.
नम आँखों को दुखता सा भरम दे गए,
मैंने सोंचा की तुझे रुश्वा मै करूँ,
मगर प्यार के रिश्ते की शरम दे गए.

प्यार के लफ्ज़

ना करो प्यार मुझसे मेरे दिल में प्यार ज़रा सा है, 
मै तो जिन्दा हूँ लेकिन मेरा जज़्बात मरा सा है.
हंसी होंठो की देखकर ना दिल लगाना मुझसे , 
बे-इन्ते-हा दर्द ही दर्द मेरे घर में भरा सा है.
दर्द हर रोज़ कुछ नया मुझको मिलता है, 
मगर जखम वही पुराना अभी तक हरा सा है.
ना करो ज़िक्र ना कभी नाम लो प्यार का यारों ,  
प्यार के लफ्ज़ से ये "अरुन" डरा सा है.

हिसाब चाहती है.

बे-इन्तहा मोहोब्बत का हिसाब चाहती है. 
वो दिल नहीं जान का ख़िताब चाहती है.
अच्छा लगता नहीं उसे मुस्कुरा के बोलना, 
वो तो बस रोते-रोते ही जवाब चाहती है.
वो इसीलिए आती है सपने में हर रोज, 
क्यूंकि वो हर रात मेरी बस ख़राब चाहती है.
दो - चार अश्को की जरुरत नहीं उसे , 
वो बरसते आंशुओं का सैलाब चाहती है.

सजा

सजा भी दी मुझे तो जीने को दिया, ज़हर अश्को का पीने को दिया.
उम्र भर ढोना है तेरी यादों का बोझ, जलता घर दर्द से बुझाने को दिया.
दिया दिन बेकरारी से भरा हुआ, तोहफा रात का मुझे जगाने को दिया.

नापतोल

ना करो प्यार किसी को नापतोल कर.
लुटा दो जान भी अपनी दिल खोल कर.
मिटा के खुद को इस तरह बर्बाद करो.
दो लफ्ज प्यार के, प्यार में बोल कर.

भूल

भूल से जो दिल की तरफदारी कर ली,
दर्द से उम्रभर की रिश्तेदारी कर ली,
मिला कुछ भी नहीं एक बदनामी के शिवा,
मुफ्त में गलती बहुत भारी कर ली,
बेचैनी,बेबसी,बेखुदी और गम का आलम, 
पैदा कैसी ये मैंने बीमारी कर ली,
ढुंढने निकला था ख़ुशी की मंजिल,
प्यार की फिर क्यूँ सवारी कर ली,
दिल अपना तुझपे लुटाने के बाद,  
तुझपे खुद लुट जाने की तैयारी कर ली,
बेवजह जख्मो ने दुश्मनी की मुझसे,
और अश्कों  ने मुझसे यारी कर ली.

यूँ देखना मुझको

रख के हाँथ गाल पे यूँ देखना मुझको.
निकाल के दिल जिस्म से फेंकना मुझको.
लग गयी सर्दी मुझे तेरे प्यार की
अपनी गर्म साँसों से ज़रा सेंकना मुझको.
लूट लो मुझको और मुझपे लुट जाओ.
बना के अपना फिर न बेंचना मुझको.

दो बातें

दो बातें प्यार की बोल कर, दिल ले गयी जिस्म से खोल कर.
बक्श दी मुझे नयी जिंदगी,प्यार की खुशबू सांसो में घोल कर.
अनमोल रिश्ता ये दुनिया का, दुनिया वाले न इसका मोल कर.
इस दौलत की कोई कीमत नहीं, इश्क बिकता नहीं है तोल  कर.

दर्द पुराना

जगा दर्द वही पुराना आज फिर से,
पड़ा अश्को से नहाना आज फिर से,
वही उलझन वही बेचैनी का मौसम,
यूँ तेरी यादों का आना आज फिर से,
करके शिकार मेरा जो मुझे जख्म दिए,
लगा उन जख्मो पे निशाना आज फिर से,
वैसे तो गुजर गए है कई बरस लेकिन,
मेरे साथ है वही जमाना आज फिर से.

बे-इन्तेहाँ चाहत

चाहत मुझसे जब तुझको बे-इन्तेहाँ होगी,
यही बेचैनी फिर तुझको भी वहाँ होगी,
मै तो कह जाऊंगा बात मेरे दिल की,
तेरी हालत नहीं तुझे बयाँ होगी,
तड़प उठेगी मुझसे मिलने के लिए तब,
जब जान मेरी न जाने कहाँ होगी.

दिले नादां

दिले नादां छोड़ दे नादानी.
न कर इस कदर मनमानी.
कहता हूँ पछतायेगा एक दिन
न मोल ले इश्क की निशानी
लालच न कर थोड़ी सी ख़ुशी का
बढेगा दर्द होगी बड़ी परेशानी
गायब होगी होंठो की हंसी
बहेगा आँखों में भरा पानी
तरसेगा तडपेगा चैन पाने को
काम दवा फिर कोई नहीं आनी
रुलाएगी जुदाई फूट-फूट कर
यादें पड़ेगी उम्रभर निभानी
यही दास्ताँ है मोहोब्बत की,
यही है मोहोब्बत की कहानी.

जान जाएगी मेरी

जान जाएगी मेरी मोहोब्बत के इस जहर में.
मै हूँ मेहमान बस एक रात का तेरे शहर में.
पा ली  मोहोब्बत मगर खुद खो दिया मैंने,
थक गया चलते-चलते दर्द की इस डगर में.
देकर दिल मोहोब्बत की थी दौलत खरीदी,
बिक गया मुफ्त में,  चाहत बही  नहर  में,
मिल गया मिटटी में में सपनो का आशियाना
डर - डर के रहता हूँ अब भी उसी कहर में.

दर्द लगते कुछ सगे से है.

खुशियाँ पराई, दर्द लगते कुछ सगे से है.
लिपटे है मुझसे और मुझमे लगे से है.
हंसी हो, ख़ुशी हो या फिर प्यार हो,
छोड़ कर मुझको अकेला ये भगे से है.
चैन से सोती है,  मेरी नींद चुरा कर.
सदियों  बीत गयी हम यूँही जगे से है.

हलचल न हुई

न हलचल हुई न ही कोई शोर हुआ, दर-दे-दिल मुझमे इतना जोर हुआ.
मैंने भूल से जिसे था अपना समझा, उसकी हकीकत तो कोई और हुआ.
यूँ तो मुश्किले बहुत आई जिंदगी में, सबसे मुस्किल ये इश्क का दौर  हुआ.

Saturday, March 10, 2012

ज़रा सी बात

ज़रा सी बात का बताना न बनाना, मुझमे गम का फ़साना न बनाना.
चाहो तो जान ले लो मेरी, मगर उम्र भर दर्द का ठिकाना न बनाना.
जुदा हो जाना जो साथ अच्छा न लगे, लेकिन झूठा बहाना न बनाना.
कि मै तड़पता रहूँ तेरी याद में, ऐसा गुजरा हुआ जमाना न बनाना.

अजब सी ये उलझन

अजब सी ये उलझन, कुछ अलग कशमकश है.
जहर से  भी घातक  मोहोब्बत का रश है.  
संभल जाऊं खुद मै या, संभालूं इस दिल को.
अब नहीं जोर चलता और नहीं चलता वश है.
मेरे ही क़त्ल में मुझे दोष कहती. 
बेवफा है सारी दुनिया , बेवफाई में यश है.  
चला मै जहाँ से, रुका भी वही हूँ.
वही ये घडी है, वही ये बरस है.
तुझे भी तेरे जैसा साथी मिले जो,
यही दिल की इच्छा यही बस तरस है.
कैसे कहूँ क्या हालत है मेरी.
जिन्दा हूँ लेकिन जख्मी हर नस है.
कुछ भी कहे तू, है मैंने ये माना कि .
दिल तोड़ जाने की तुझमे हवस है.

जिन्दा हूँ मगर

जिन्दा हूँ मै, मगर दिल मरा है, सूखा जखम वो अभी तक हरा है.
नयी है मोहोब्बत पर किस्से पुराने, खुशी में नहीं गम में भरा है.  
रोने से कभी दिल नहीं भरता, हसने का मौका मिलता ज़रा है.
कभी तेरे बिन चैन मिलता नहीं था, तुझे से मेरा दिल इतना डरा है.
मंजिल मिलेगी किसी को कहाँ से रास्ता ये मुस्किल बड़ा खुरदरा है .

मोहोब्बत दगा देती है

मोहोब्बत इस कदर दगा देती है, दर्द उम्रभर का जगा देती है.

पराये कर देती है रिश्ते सारे, यादों का साया पीछे लगा देती है.

गम से भर देती है घर सारा, ख़ुशी को मार कर भगा देती है.

सूख पाते नहीं फिर कभी  ये जख्म  इतना ज्यादा सगा देती है.

मिलने आये है मेहमान

मिलने आये है मेहमान मेरे दिल को, करके रखा है परेशान मेरे दिल को.

जखम कुरेदते है हर एक रोज मेरे, यादें करती है बड़ा हैरान मेरे दिल को.

पहले मार दिया जिन्दा धडकनों को, फिर घोषित किया बेजान मेरे दिल को.

प्यार के काबिल न अब समझा मुझको , टूटा समझा है  सामान मेरे दिल को.

जता कर बेंतेहा मोहोब्बत मुझसे , दिया धोखा ऐसा अनजान मेरे दिल को.

खुद को दर्द खुद को दोष दिया मैंने, क्यूँ इतना चाहा है बेईमान तेरे दिल को.